Stock Market Today: Nifty 50: गिरावट, ट्रम्प टैरिफ दबाव, ट्रेड सेटअप जानें
भारतीय शेयर बाजार इस समय ग्लोबल ट्रेंड्स और ट्रम्प टैरिफ की मार झेल रहा है। गुरुवार को निफ्टी 50 (Nifty 50) और सेंसेक्स (Sensex) दोनों ही बड़े दबाव में रहे और लगातार दूसरी बार लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। इसका असर खासकर टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, लेदर और मरीन एक्सपोर्ट्स पर देखने को मिल रहा है।
निफ्टी 50 लगभग 24,500 स्तर पर टिक नहीं पाया और गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंक लुढ़क गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले दिनों में और दबाव ला सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से GST सुधार, इंपोर्ट ड्यूटी छूट और स्वदेशी उत्पादन पर फोकस जैसे कदम घरेलू बाजार को संभाल सकते हैं।
तकनीकी चार्ट्स के हिसाब से भी निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही कमजोर ट्रेंड दिखा रहे हैं। निफ्टी का अगला बड़ा सपोर्ट 24,300–24,250 के बीच है, वहीं बैंक निफ्टी अगर 55,000 के ऊपर नहीं जाता तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।
गुरुवार का मार्केट अपडेट
सेंसेक्स (Sensex): 705.97 अंक या 0.87% गिरकर 80,080.57 पर बंद
निफ्टी 50 (Nifty 50): 211.15 अंक या 0.85% टूटकर 24,500.90 पर बंद
सेक्टोरल परफॉर्मेंस: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
FMCG, Power, Banking, Realty, IT, और Telecom में 1–2% की गिरावट
Midcap Index: 1.2% नीचे
Smallcap Index: 1.4% की गिरावट
Nifty 50 का टेक्निकल आउटलुक
HDFC Securities के नगराज शेट्टी के अनुसार:
निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड अभी भी नेगेटिव है।
शॉर्ट टर्म में और कमजोरी दिख सकती है।
सपोर्ट लेवल: 24,300 – 24,250 (200-day EMA)
रेजिस्टेंस लेवल: 24,700
👉 इसका मतलब है कि अगर निफ्टी 24,300 से नीचे फिसलता है तो बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
Bank Nifty का ट्रेंड
Bajaj Broking Research के अनुसार:
बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने Bear Candle बनाई है।
रेंज ब्रेकडाउन के बाद ट्रेंड और कमजोर दिख रहा है।
सपोर्ट लेवल: 53,500 – 53,000 (200-day EMA)
रेजिस्टेंस लेवल: 55,000
👉 जब तक बैंक निफ्टी 55,000 के ऊपर नहीं जाता, गिरावट का दबाव बना रहेगा।
ग्लोबल फैक्टर और ट्रिगर्स
Motilal Oswal के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के अनुसार:
सरकार के GST सुधार, इंपोर्ट ड्यूटी राहत और ‘स्वदेशी’ पुश से घरेलू बाजार को कुछ सहारा मिलेगा।
ग्लोबल स्तर पर निवेशक US Q2 GDP और जॉब्लेस क्लेम्स डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
ये डेटा ग्लोबल सेंटिमेंट को प्रभावित करेगा।
US ट्रम्प टैरिफ का असर
अमेरिका ने भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 50% टैरिफ लगा दिया है।
सबसे ज्यादा असर इन सेक्टर्स पर पड़ेगा:
Textiles & Apparel
Gems & Jewellery
Marine (Shrimp)
Leather & Footwear
राहत के लिए भारत सरकार ने कॉटन पर इंपोर्ट ड्यूटी छूट दिसंबर तक बढ़ा दी है, जिससे गारमेंट इंडस्ट्री को कुछ सहारा मिलेगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स ने शुक्रवार (29 अगस्त 2025) के लिए 6 स्टॉक्स Buy या Sell के लिए सुझाए हैं:
AIIL – Buy/Sell (Intraday)
UNO Minda – Buy
TD Power Systems – Buy
Thomas Cook – Sell
Kaveri Seeds – Buy
Onmobile Global – Buy
👉 ट्रेडर्स को इन स्टॉक्स पर शॉर्ट टर्म के लिए नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल ट्रम्प टैरिफ, FII आउटफ्लो और ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण दबाव में है। तकनीकी रूप से, निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही कमजोर ट्रेंड दिखा रहे हैं। निवेशकों को सावधानी से ट्रेड करना चाहिए और केवल चुनिंदा स्टॉक्स में ही पोजीशन लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर देखा जाए तो भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक व्यापार तनाव, ट्रम्प टैरिफ और एफआईआई की बिकवाली के दबाव में है। लगातार दो दिन की तेज गिरावट से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। निफ्टी 50 और बैंक निफ्टी दोनों ही अपने अहम तकनीकी स्तरों के करीब बने हुए हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) और बढ़ सकता है।
👉 छोटे निवेशकों के लिए यह समय जल्दबाज़ी में खरीदारी करने का नहीं है। बल्कि, उन्हें गुणवत्ता वाले स्टॉक्स (Quality Stocks) पर ध्यान देना चाहिए और लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश करना चाहिए। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सिर्फ तकनीकी स्तरों और एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर ही पोजीशन बनानी चाहिए।
सरकार द्वारा GST सुधार, इंपोर्ट ड्यूटी छूट और ‘स्वदेशी’ नीतियों से घरेलू कंपनियों को राहत मिल सकती है, लेकिन अमेरिका के कड़े टैरिफ का असर टेक्सटाइल, ज्वेलरी, लेदर और मरीन सेक्टर पर साफ देखा जा रहा है। ग्लोबल संकेतों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर भी नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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संक्षेप में – यह बाजार फिलहाल दबाव में है लेकिन समझदारी से चुने गए स्टॉक्स और धैर्यपूर्ण रणनीति से निवेशक आने वाले समय में बेहतर रिटर्न पा सकते हैं।
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